मीरा रोड से राम मंदिर के लिए पैदल चली भक्तों की टोली, 49 दिन बाद पहुंची अयोध्या, रामलला को चढ़ाया धनुष-बाण

मुंबई: मीरा रोड में पिछले सप्ताह हुई हिंसा () के बीच यहां के लोग अयोध्या में राम नाम की अलख जगा रहे हैं। भव्य राम मंदिर (Ram Mandir) में भगवान रामललाा के दर्शन के लिए मीरा-भाईंदर से गया दल अयोध्या पहुंच गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रामभक्तों के इस दल को रवाना किया था। जो कि आखिरकार 49 दिनों की पैदल यात्रा करने के बाद अयोध्या पहुंचा। वहां सभी रामलला का दर्शन कर भाव-विभोर हो गए। दरअसल मीरा-भाईंदर से 10 दिसंबर को सैकड़ों रामभक्तों का यह दल अयोध्या के लिए पैदल चला था। इस दल ने अपने साथ ले गए धनुष-बाण को राम मंदिर में भेंट कर दिया।कड़ाके की ठंड में तय किया सफररामभक्तों के दल के साथ समन्वय कर रहे रामभुवन शर्मा और पैदल यात्रा के संयोजक अंकित मिश्रा ने बताया कि पहले उनका लक्ष्य 47 दिनों में अयोध्या पहुंचने का था, लेकिन वे 49 दिनों में अयोध्या पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इस दौरान कड़ाके की ठंड और कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रामभक्ति ने उन सभी में हौसला बनाए रखा। रोजाना उनका दल 25-30 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहा था।रामलला को किया ‘धनुष-बाण’ भेंटमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रामभक्तों को रामलला को भेंट के लिए एक ‘धनुष-बाण’ दिया था। रामभुवन शर्मा बताते हैं कि इस धनुष-बाण को मंदिर के व्यवस्थापकों को सौंप दिया गया।49 दिन में 49 पड़ाव के बाद पहुचे यूपीमीरा-भाईंदर से अयोध्या तक की यात्रा का आयोजन राम सेना फाउंडेशन ने किया है। फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि 49 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद 28 जनवरी को यह जत्था अयोध्या पहुंचा। इस दौरान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुल 49 जगहों पर पड़ाव रहा। सबसे ज्यादा पड़ाव मध्यप्रदेश में पड़ा।प्रताप सरनाईक ने उठाया यात्रा का खर्चइस यात्रा का खर्च विधायक प्रताप सरनाईक ने उठाया है। वह 49 दिन की यात्रा के दौरान भोजन, पानी, दवा और अन्य खर्च वहन कर रहे हैं। इसके अलावा 300 रामभक्तों के लिए गद्दा, कंबल और 2 जोड़ी ठंड के कपड़े भी सभी को दिया है। सरनाईक ने कहा कि वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्हें रामभक्तों के माध्यम से उन्हें रामलला की सेवा का मौका मिला। (मीरा-भाईंदर से अमित तिवारी का इनपुट)