8 घंटे की ड्यूटी, AC लोको पायलट कैब, रेल मंत्री ने सुविधाएं गिनाते हुए क्यों कहा- बताना जरूरी

नई दिल्ली: हाल ही में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह ट्रेन चालकों की परेशानियों और रेलवे के दूसरे मामलों को उठाएंगे। पिछले सप्ताह लोको पायलट के साथ राहुल गांधी ने मुलाकात की थी। वहीं अब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन चालकों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि लोको पायलट रेलवे परिवार के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। विपक्ष की ओर से हमारे लोको पायलटों को हतोत्साहित करने के लिए बहुत सारी गलत सूचनाएं और नाटकबाजी की जा रही है, इसलिए जरूरी है कि मैं चीजों को बिल्कुल स्पष्ट कर दूं। उन्होंने इसको लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि लोको पायलटों के ड्यूटी घंटों की सावधानीपूर्वक निगरानी की जाती है। सफर के बाद आराम करने की पूरी सुविधा है। ड्यूटी के घंटे निर्धारित होते हैं। इस वर्ष जून माह में 8 घंटे से भी कम औसत ड्यूटी है। केवल अति आवश्यक परिस्थितियों में ही यात्रा की अवधि निर्धारित घंटों से अधिक होती है।उन्होंने कहा कि 2014 से पहले लोको पायलट कैब की हालत बहुत ही खराब थी। 2014 के बाद से, एर्गोनोमिक सीटों के साथ कैब में सुधार किया गया है। इतना ही नहीं ट्रेन के 7,000 से अधिक लोको कैब AC वाले हैं। नये लोकोमोटिव का निर्माण एसी कैब से किया जा रहा है। जब लोको पायलट की ड्यूटी खत्म होती है और यात्रा पूरी होती है तब वह आराम के लिए रनिंग रूम में आते हैं। 2014 से पहले रनिंग रूम की हालत बहुत खराब थी। आज लगभग सभी (558) रनिंग रूम अब वातानुकूलित हैं। कई रनिंग रूम में फुट मसाजर भी उपलब्ध कराए जाते हैं। कांग्रेस ने लोको पायलटों की कामकाजी परिस्थितियों को समझे बिना इसकी आलोचना की थी। पिछले कुछ वर्षों में, बड़ी भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई और 34,000 रनिंग स्टाफ की भर्ती की गई है। वर्तमान में 18,000 रनिंग स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। फर्जी खबरों से रेल परिवार को हतोत्साहित करने का प्रयास विफल होगा। पूरा रेल परिवार हमारे देश की सेवा में एकजुट है।क्या कहा था राहुल गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोको पायलटों से मुलाकात के बाद एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि लोको पायलट से जुड़े मुद्दों और उनके अधिकारों की आवाज इंडिया गठबंधन संसद में उठाएगा। राहुल गांधी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट के साथ अपनी हालिया बातचीत का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट कर यह टिप्पणी की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा था कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में लोको पायलट की जिंदगी की गाड़ी पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। उन्होंने कहा कि लोको पायलट को गर्मी से खौलते केबिन में बैठ कर 16-16 घंटे काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।गांधी ने एक पोस्ट में कहा जिनके भरोसे करोड़ों जिंदगियां चलती हैं, उनकी अपनी जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है। यूरिनल (मूत्रालय) जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित लोको पायलट के न काम के घंटों की कोई सीमा है और न ही उन्हें छुट्टी मिलती है। इस कारण वे शारीरिक और मानसिक रूप से टूट कर बीमार हो रहे हैं।