71 साल के पुतिन ने कड़ाके की ठंड में बर्फीले पानी में उतरकर लगाईं तीन डुबकी, जानें क्या है उनके ऐसा करने की वजह

मॉस्को: ने एपिफेनी का जश्न मनाने के लिए शून्य से तपमान के पानी में डुबकी लगाई। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने शुक्रवार सुबह ऑर्थोडॉक्स एपिफेनी का जश्न मनाने के लिए बर्फीले पानी में उतरकर तीन डुबकी लगाई। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि 71 साल के पुतिन ने ये वार्षिक अनुष्ठान कहां किया। पेस्कोव ने कहा कि पुतिन सालों से इस त्योहार को मनाते आए हैं, इस बार भी उन्होंने त्योहार मनाया लेकिन हर बार इससे जुड़ी तस्वीरें साझा नहीं की जाती हैं। इस बार भी तस्वीरें साझा नहीं की गईं। बीते साल पुतिन की तस्वीरें और वीडियो सामने आई थीं, जिनमें वह पानी में तीन बार डुबकी लगाते दिखे थे।एपिफेनी का त्योहार हर साल 19 जनवरी को मनाया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु बर्फ में छेद करके तालाबों और कुंडों में गोता लगाते हैं। इसके तहत सुबह-सुबह उठकर बर्फीले पानी में 3 बार डुबकी लगानी होती है। इसके लिए पूरे रूस में जगह-जगह स्नान स्थल बनाए जाते हैं। इस त्योहार को ऑर्थोडॉक्स ईसाई मनाते हैं। एपिफेनी के दौरान एक पादरी पानी की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इस पानी में नहाने से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं। एपिफेनी स्नान जॉर्डन नदी में ईसा मसीह के बैपटिज्म को भी याद दिलाता है। यूक्रेनी सीमा से लगे शहर में नहीं मना त्योहारइस साल यूक्रेन के साथ चल रही लड़ाई को देखते हुए यूक्रेनी सीमा से लगे रूसी शहर बेलगोरोड ने अपना पारंपरिक एपिफेनी समारोह रद्द कर दिया। इस शहर पर सीमापार से लगातार हमले होते रहे हैं। ऐसे में इस शहर ये इस साल ये जश्न नहीं मनाया गया। ये रूसी शहर यूक्रेन के हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच दो साल से चल रही लड़ाई का काफी ज्यादा असर इस शहर पर देखने को मिला है। एपिफेनी के समारोह के दौरान भी हमले का डर था, ऐसे में कोई समारोह ना करने का फैसला लिया गया।