खाली हो रही हैं राज्यसभा की 56 सीटें, कांग्रेस को नुकसान, जानिए 15 राज्यों में किसे होगा फायदा?

लखनऊ: 27 फरवरी को राज्यसभा की खाली हो रही 56 सीटों के लिए चुनाव होंगे। बिहार, महाराष्ट्र में सियासी उलटफेर और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद नए समीकरण बन गए हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में जीत के बाद ऐसी संभावना जताई गई कि राज्यसभा में बीजेपी को ज्यादा फायदा होगा। मगर ऐसा नहीं है। 15 राज्यों में मौजूदा विधायकों के आधार पर बीजेपी के सांसदों की संख्या में बड़ा बदलाव नहीं होगा। अप्रैल में बीजेपी के 28 राज्यसभा सांसद रिटायर होंगे, मगर इस चुनाव में भी 28 सीटें ही जीतेगी। एनडीए के सहयोगियों को 4 सीटें मिलेंगी। ऐसा ही का है, तेलंगाना और हिमाचल जीतने के बाद भी वह सिर्फ 8 सीटें हासिल कर पाएगी, जबकि उसके 10 सांसद रिटायर हो रहे हैं। इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के खाते में 9 सीटें आएंगी। बाकी की 7 सीटों में से बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस के खाते में 3-3 सीट जाएगी। तेलंगाना में चुनाव हारने वाली बीआरएस को सिर्फ एक सीट से संतोष करना होगा। अभी राज्यसभा में बीजेपी के 93 और कांग्रेस के 30 सांसद 238 सदस्यों वाली राज्यसभा में बीजेपी और एनडीए के पास पूर्ण बहुमत नहीं है। एनडीए के पास 109 और इंडिया गठबंधन के पास 89 सीटें हैं। बाकी बची सीटें बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी, सपा, आरएलडी और बीआरएस के पास है। राज्यसभा में अभी बीजेपी के 93 और कांग्रेस के 30 सांसद हैं। तृणमूल कांग्रेस के पास 13, आम आदमी पार्टी और डीएमके के पास 10-10 सीटें हैं। बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस के 9 राज्यसभा सांसद हैं। अभी आरजेडी के 6 और बीआरएस के 7 सांसद हैं। अप्रैल में 56 सीटें खाली होने वाली है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा, अनिल बलूनी, मनसुख मंडाविया, प्रकाश जावेडकर, अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव, वी मुरली धरन, नारायण राणे जैसे दिग्गज समेत पार्टी के 28 सांसद की विदाई होगी। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, इस बार पार्टी नए चेहरों को राज्यसभा भेज सकती है। केंद्रीय मंत्री रहे नेताओं को लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारा जाएगा। कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी रिटायर होने वाले हैं। यह उनकी राजनीति की आखिरी पारी हो सकती है। इसके अलावा सपा सांसद जया बच्चन भी अप्रैल में रिटायर हो जाएंगी।राज्यसभा में 56 सीटों का हिसाब राज्यरिक्त सीटकिसके खाते में जाएंगी सीटेंउत्तर प्रदेश 10बीजेपी- 2, आरजेडी-2, जेडीयू-1, कांग्रेस-1बिहार6बीजेपी-7, समाजवादी पार्टी -3महाराष्ट्र6बीजेपी-3, शिवसेना(शिंदे) -1, एनसीपी (अजित)-1, कांग्रेस-1मध्यप्रदेश5बीजेपी-4, कांग्रेस-1राजस्थान3बीजेपी -2, कांग्रेस-1छत्तीसगढ़1बीजेपी-1उत्तराखंड1बीजेपी-1हरियाणा1बीजेपी-1कर्नाटक4बीजेपी-1, कांग्रेस -3पश्चिम बंगाल 5बीजेपी-1, टीएमसी -4गुजरात 4बीजेपी-4तेलंगाना3कांग्रेस-2, बीआरएस-1आंध्रप्रदेश 3वाईएसआर कांग्रेस-3ओडिशा3बीजेडी -3हिमाचल प्रदेश 1कांग्रेस-1राज्यसभा में बीजेपी की सेहत पर नहीं पड़ेगा फर्ककर्नाटक और तेलंगाना में जीत हासिल करने के बाद भी राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को दो सीटों का नुकसान होगा, जबकि भाजपा सदस्यों की संख्या उतनी ही रहेगी। सबसे बड़ा नुकसान के.चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआएस को होगी। तेलंगाना चुनाव हारने के बाद अब दो सीटें कांग्रेस के खाते में चली जाएगी। यूपी विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन के बाद भी बीजेपी को दो सीटों का नुकसान होगा। विधानसभा में बीजेपी के 255 सदस्य हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 312 सीटें मिली थीं। 2022 में बीजेपी ने 55 सीटें गंवा दी, जबकि अखिलेश यादव की ने कुल 111 सीटें जीतीं। सपा ने नई 64 सीटों पर कब्जा किया। इसका फायदा उसे राज्यसभा चुनाव में मिलेगा। यूपी से खाली हुई 10 सीटों में से 3 सपा और 7 बीजेपी के खाते में जाएगी। उत्तराखंड, हरियाणा और छत्तीसगढ़ की एक-एक सीट बीजेपी के पास ही रहेगी। महाराष्ट्र में खेल, ओडिशा और आंध्र में बीजेपी को नुकसाननीतीश कुमार के पलटी मारने से बीजेपी को खास फायदा नहीं होगा। वहां खाली होने वाली 6 सीटों में से दो बीजेपी, दो आरजेडी, एक जेडी यू और एक कांग्रेस के खाते में ही जाएगा। महाराष्ट्र में भी 6 सीटें खाली हो रही हैं, जहां महायुति में शामिल अजित पवार और एकनाथ शिंदे भी अपने गुट के लिए राज्यसभा सीट चाहते हैं। संख्या बल के आधार पर महायुति को 5 और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है। विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भी फिलहाल इस चुनाव में बीजेपी को मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में खास फायदा नहीं होगा। मध्यप्रदेश में बीजेपी के चार सांसद रिटायर हो रहे हैं। इस चुनाव में वह चार लोगों को ही राज्यसभा भेज सकती है। एक सीट कांग्रेस के खाते में रहेगी। राजस्थान में भी दो बीजेपी और एक कांग्रेस सांसद रिटायर हो रहे हैं। यहां भी बीजेपी-कांग्रेस का रिजल्ट 2-1 ही रहेगा। पश्चिम बंगाल में खाली होने वाली पांच सीटों में चार पर और एक पर कांग्रेस काबिज थी। इस बार कांग्रेस को नुकसान होगा। पांचवीं सीट विधानसभा में विपक्षी दल बनी बीजेपी के पास ट्रांसफर हो गई है। विधानसभा चुनाव से पहले ओडिशा में बीजेडी को 3 राज्यसभा सीटों पर कब्जा करेगी। ऐसा ही आंध्र प्रदेश में होगा, जहां जगनमोहन रेड्डी अपने तीन समर्थकों को राज्यसभा भेजेंगे। हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस एक सांसद को चुनेगी।