बजट में हो सकती है 400 वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा, स्लीपर कोच भी होगा, जानिए पहली बुलेट ट्रेन कब आएगी

नई दिल्ली : सरकार अगले बजट में 300-400 वंदे भारत ट्रेनों (Vande Bharat Trains) की घोषणा कर सकती है। रेलवे अगले एक साल में इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन के पहले ‘स्टैंडर्ड गेज’ संस्करण का निर्माण करने का भी लक्ष्य बना रहा है। इससे साल 2025-26 तक यूरोप, दक्षिण अमेरिका और पूर्वी एशिया के बाजारों में इसके निर्यात का रास्ता खुलेगा। नई वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा अगले 3-4 वर्षों में 475 ऐसी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों को चालू करने की पहले से घोषित योजना के अतिरिक्त होगी। सूत्रों ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बढ़ती मांग को पूरा करने और यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए सालाना 300-400 ऐसी ट्रेनों को मंजूरी देने का है।

2025-26 तक मिलेगा टिल्टिंग तकनीक वाली ट्रेनों का पहला सेट
मौजूदा पटरियों पर गति बढ़ाने के लिए इन ट्रेनों के डिजाइन में सुधार की योजना पर रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि भारत को 2025-26 तक टिल्टिंग तकनीक वाली ट्रेनों का पहला सेट मिल जाएगा। पहले से ही स्वीकृत 475 में से लगभग 100 वंदे भारत ट्रेनों में इस तकनीक का यूज होगा। इससे ट्रेनों को उच्च गति पर मोड़ने में मदद मिलेगी।

2024 तक स्लीपर कोच वाली पहली वंदे भारत
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि स्लीपर कोच वाली पहली वंदे भारत ट्रेन कैलेंडर वर्ष 2024 की पहली तिमाही में शुरू की जाएगी। फिलहाल ये सभी ट्रेनें ब्रॉड गेज नेटवर्क के लिए हैं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘हम ऐसी ट्रेनों का निर्माण करेंगे जो स्टैंडर्ड गेज नेटवर्क पर चल सकती हैं। आवश्यक परीक्षण करने के लिए राजस्थान में 220 किमी प्रति घंटे की गति के साथ एक परीक्षण ट्रैक विकसित किया जा रहा है।’


साल 2026 तक पहली बुलेट ट्रेन

हाल ही में वैष्णव ने कहा था कि अगले तीन साल में देश में 475 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें पटरियों पर दौड़ने लगेंगी। उन्होंने साथ ही कहा कि देश की पहली बुलेट ट्रेन (Bullet Train) 2026 तक शुरू हो जाएगी। अभी देश में पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। इसका आगाज 2019 में नई दिल्ली और वाराणसी के बीच शुरू हुई वंदे भारत से हुआ था। हाल में नई पीढ़ी की ऐसी तीन ट्रेनें शुरू की गई हैं। इन ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रति घंटे है। लेकिन फिलहाल इसे 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा है। पहली बुलेट ट्रेन परियोजना गांधीनगर और मुंबई के बीच बनाई जा रही है। बुलेट ट्रेन की रफ्तार 320 किमी प्रति घंटे होगी।

पिछले बजट में दी गई थी 400 ट्रेनों को मंजूरी
रेल मंत्री ने ‘टाइम्स नाउ समिट’ में कहा कि 475 वंदे भारत ट्रेन चलाने का लक्ष्य हासिल करने की ओर बढ़ रहे हैं। पिछले बजट में 400 ट्रेन को मंजूरी दी गई थी और इससे पहले 75 को ट्रेन स्वीकृति दी जा चुकी थी। उन्होंने कहा, ‘हम आने वाले तीन वर्ष में लक्ष्य हासिल कर लेंगे। उन्होंने हाल में कहा था कि कई देशों ने इस ट्रेन में दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें और सुधार चाहते हैं। इसलिए रेलवे तीसरी पीढ़ी की वंदे भारत एक्सप्रेस के डिजाइन पर काम कर रहा है।’