नगर निगम में 200 कर्मचारी ऐसे, जो नौकरी पर नहीं आते लेकिन तनख्वाह लेते फुल; सतना मेयर का खुलासा

सतना के महापौर ने नगर निगम में बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है. महापौर का खुलासे वाला यह बयान मीडिया और सोशल मीडिया में न सिर्फ सुर्खियां बटोर रहा है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में वायरल भी हो रहा है. सतना मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन में महापौर योगेश ताम्रकार ने जोरदार भाषण दिया. इस भाषण में उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि सतना नगर निगम में करीब 200 ऐसे कर्मचारी हैं, जो कभी नौकरी करने नहीं आते हैं. बाहर रहकर व्यवसाय, पढ़ाई या दूसरी नौकरी कर रहे हैं, लेकिन उनकी पूरी तनख्वाह नगर निगम से उनके खाते में बाकायदा हमेशा जाती है.
साथ ही महापैर ने आगे कहा कि जानकारी लगते ही मैंने 6 सदस्यीय जांच समिति गठित करके जांच कराई थी. यह जांच सही पाई गई. जांच में 200 कर्मचारी ऐसे मिले हैं, जो कभी नगर निगम नहीं आते और वेतन पूरी ले रहे हैं. हमने ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची बना ली हैं. कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है. कुछ भी हो जाए हम ऐसे सभी कर्मचारियों को नगर निगम से जल्द से जल्द नौकरी से निकाल कर बाहर का रास्ता दिखाएंगे. उन्होंने कहा कि सतना नगर निगम के भ्रष्टाचार का दलदल किसी से छिपा नहीं है.

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नौकरी नहीं करेंगे बिल्कुल.. तनख्वाह लेंगे फुल.. pic.twitter.com/agg6bZfGPh
— Sweta Gupta (@swetaguptag) December 31, 2022

वेतन घोटाला आया सामने
मेयर योगेश ताम्रकार के इस कड़े कदम की शहर ही नहीं पूरा जिला सराहना कर रहा है. मेयर योगेश ताम्रकार का यह जहरीला भाषण सतना ही नहीं पूरे प्रदेश में वायरल हो रहा है. मध्य प्रदेश के सतना महापौर ने नगर निगम में ‘वेतन घोटाले’ का पर्दाफाश किया है. आपने जमीन घोटाला या कई अन्य घोटालों का नाम सुना होगा, लेकिन सतना में अजीब टाइप का वेतन घोटाला सामने आया है. मेयर ने हैरानी जताते हुए कहा कि यह वेतन घोटाला एक दो साल नहीं कई सालों से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार निर्वाचित महापौर कमिश्नर अधिकारी और कर्मचारी सब कुछ जानते समझते आंख बंद किये थे. वेतन घोटाले के भ्रष्टाचार को रोकने की न तो कोशिश की और ना ही खुलासा किया. हर कोई इस भ्रष्टाचार के जिन्न से बचकर निकलता रहा है.
मेयर ने कहा, बिल्ली के गले में बांध दी है घंटी
सतना नगर निगम में भ्रष्टाचार का दलदल कभी किसी से छुपा नही रहा है. कई महापौर कमिश्नर अधिकारी इस घोटाले का खुलासा करना भी चाहते थे, लेकिन बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे… यह हाल था. वहीं, अब सतना महापौर योगेश ताम्रकार ने न सिर्फ बिल्ली के गले मे घंटी बांध दी है, बल्कि पूरी बिल्ली को कैद कर लिया है.
सतना महापौर का वेतन घोटाले के खुलासे वाला यह बयान मीडिया और सोशल मीडिया में न सिर्फ सुर्खियां बटोर रहा है, बल्कि पूरे प्रदेश में वायरल भी हो रहा है. योगेश ताम्रकार भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर जीतकर महापैर कुर्सी पर बैठे हैं. प्रदेश में काफी समय से भारतीय जनता पार्टी सत्तासीन है. ऐसे में अपनी ही सत्ताधारी सरकारों में सतना नगर निगम में हुए वेतन घोटाले का खुलासा करके मेयर बड़ी जाबाजी का काम का किया है.