’20 मिनट’ की चुप्पी और लालू की बेटी के 3 ट्वीट ने बता दिया बिहार में खेला हो गया

पटना: ‘खेला चालू है, बिहार परिवर्तन की ओर अग्रसर’ पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के चौंकाने वाले दावे से सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है। हालांकि, मांझी के इस ट्वीट में सच्चाई भी दिख रही। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरुवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में ऐसा कहा जा रहा कि और तेजस्वी यादव में खास बातचीत नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक, 20 मिनट चली कैबिनेट मीटिंग में दोनों नेताओं के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हुआ। रही सही कसर लालू यादव की बेटी रोहिणी के बैक टू बैक ट्वीट ने पूरी कर दी। रोहिणी ने लगातार तीन ट्वीट किए जिसमें चाचा नीतीश कुमार का नाम लिए बिना ही जमकर अटैक किया। पहले जानिए रोहिणी आचार्य ने क्या कहा।नीतीश तेजस्वी में बात बंद तो रोहिणी का ट्वीट रोहिणी आचार्य ने एक्स पर तीन पोस्ट किए। पहले पोस्ट में उन्होंने लिखा- ‘अक्सर कुछ लोग नहीं देख पाते हैं अपनी कमियां लेकिन किसी दूसरे पे कीचड़ उछालने को करते रहते हैं बदतमीजियां।’ अगली पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘खीज जताए क्या होगा जब हुआ न कोई अपना योग्य। विधि का विधान कौन टाले, जब खुद की नीयत में ही हो खोट।’ वहीं तीसरे ट्वीट में रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार के समाजवादी पुरोधा होने के दावे पर ही सवाल खड़े कर दिए।लालू की बेटी का चाचा नीतीश पर ‘वार’रोहिणी आचार्य ने कहा कि ‘समाजवादी पुरोधा होने का करता वही दावा है, हवाओं की तरह बदलती जिनकी विचारधारा है..।’ रोहिणी के इस कमेंट से साफ हो गया कि बिहार महागठबंधन में फिर गेम पलटने जा रहा है। वैसे भी नीतीश कुमार ने जिस तरह से कर्पूरी जयंती पर परिवारवाद के मुद्दे को लेकर कमेंट किया तो उसे लेकर सूबे में सियासी पारा चढ़ गया है। नीतीश के परिवारवाद कमेंट से चढ़ा सियासी पाराकर्पूरी ठाकुर की 100वीं जन्म जयंती पर बुधवार को जदयू की ओर से पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर की तरह, मैंने भी राजनीति में अपने परिवार को कभी बढ़ावा नहीं दिया। बिहार जाति सर्वेक्षण कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय की वकालत से प्रेरित था, ये पूरे भारत में होना चाहिए। नीतीश ने जिस तरह से ये कमेंट किया साफ लगा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पर निशाना साधा है। वो भी तब जिस समय वो लालू यादव की पार्टी आरजेडी के साथ सरकार चला रहे। हालांकि, नीतीश कुमार ने सीधे तौर पर उनका नाम नहीं लिया।बिहार परिवर्तन की ओर अग्रसर- बोले मांझीनीतीश का बयान आने के अगले दिन यानी आज रोहिणी आचार्य ने रिएक्ट किया। रोहिणी आचार्य ने बैक टू बैक तीन ट्वीट चाचा नीतीश कुमार का नाम लिए बगैर ही जमकर सुनाया। उधर मांझी ने भी बिहार के सियासी हालात को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने दो टूक कहा- ‘खेला चालू है…बिहार परिवर्तन की ओर अग्रसर…जो भी होगा राज्यहित में होगा…।’